श्रेष्ठता पर संवाद -सभा ३१ अक्टूबर, १-२ नवंबर २००९ एकलव्य डेंटल कॉलेज, कोटपूतली जयपुर, राजस्थान लोभ, मोह, ईर्ष्या से दबी मनुष्यता मानों आरोपित संघर्षों में जीने के लिए अभिशप्त है। दिशाभ्रम और कुंठा की विरासतें ढ़ोते-ढ़ोते लगभग पागलपन की ओर बढ़ रहे व्यक्ति-व्यक्ति की व्यथा कस्तूरी मृग से मिलती-जुलती है। अपने भीतर की कस्तूरी ‘श्रेष्ठता’ [...]